सच्चा - झुठा
काफि ब्रेक मिला आपको. बहुत दिन हो गए नयी पहेली दिए. तो दिमाग के पेच कस लिजीए. पेश है नई पहेली.
दो चोर थे. सम्पत और चम्पत. चम्पत की एक गंदी आदत थी. वो हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सच बोलता था तथा मंगलवार, गुरूवार और शनीवार को झुठ ही बोलता था. रविवार की छोडिये, क्योंकि इस दिन वे छुट्टी मनाते थे.
एक बार सम्पत ने चम्पत से कहा " चलो आज नत्थु हलवाई के यहाँ चोरी करते है"
चम्पत बोला " नहीं, आज नही. आज शनीवार है. शनीचर... ना बाबा आज चोरी नहीं करनी."
सम्पत : "कोई बात नहीं, कल चोरी कर लेंगे."
चम्पत: " कल नही, कल तो बुधवार है. मेरे बाप का श्राद्ध है. चोरी कैसे करेंगे."
पहेली है, यह वार्तालाप कौन से दिन हो रहा था?

